हाल ही की जाँच-पडताल के चलते लग रहा है कि अनिल अंबानी रामलिंगम राजू के नक्शे-कदम पर चल पड़े है। इनकी कुछ कंपनियाँ - सिंगापुर की एक अनलिमिटेड कंपनी "इमर्जिंग मार्केट्स एंड इन्वेस्टमेंट पीटीई, सिंगापुर" (इमिट्स) का स्वामित्व "रिलायंस इनोवेंचर्स प्रा. लि."(आरआईपीएल), जिसे अनिल अंबानी की पर्सनल इन्वेस्टमेंट कंपनी माना जाता है, के पास है। इमिट्स का पुराना नाम रिलायंस प्रोजेक्ट्स पीटीई है।
इमिट्स ने 2007 में "नेक्सजेन कैपिटल लि. आयरलैंड" से 750 मिलियन डॉलर 2010 में मेच्योर होने वाले सिक्योर्ड फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स जारी करके जुटाए। इमिट्स ने यह पूँजी एफडीआई के रूप में एएए एंड संस इंटरप्राइजेज प्रालि में लगा दी। यह भी अनिल अंबानी की निजी निवेश कंपनी है।
इसके बाद एएए एंड संस इंटरप्राइजेज प्रा.लि. ने यह रकम एएए फैसलिटीज सोल्युशंस के प्रिफेरेंशियल शेयरों में लगा दी। इस कंपनी ने इस पूँजी को एएए पॉवर सिस्टम ग्लोबल प्रालि, एएए इंटरप्राइजेज प्रालि, एएए कम्युनिकेशंस प्रालि और एएए प्रोजेक्ट वेंचर्स प्रालि के प्रिफेरेंशियल शेयरों में लगा दिया। ये चारों कंपनियाँ रिलायंस इनोवेंचर्स प्रालि की उप कंपनियाँ हैं।
जर्सी आईलैंड की बैटिस्टे कंपनी के जरिए 500 मिलियन डॉलर की विदेशी पूँजी को शेयर बाजार में लगाने का सामने आया। मिली जानकारी के मुताबिक बैटिस्टे कंपनी भी एडीएजी समूह की रिलायंस इनोवेंचर्स प्रालि की शत-प्रतिशत उपकंपनी है।
बैटिस्टे ने आईसीआईसीआई बैंक की हांगकांग शाखा से 500 मिलियन डॉलर की पूँजी उठाई। बैटिस्टे ने यह पूँजी एएए कार्पोरेशन प्रालि (अनिल अंबानी की निजी निवेश कंपनी) में लगा दी। वहाँ से यह पूँजी एएए प्रोजेक्ट्स वेंचर्स प्रालि, एएए कम्युनिकेशंस प्रालि, एएए पावर सिस्टम्स ग्लोबल प्रालि और एएए इंटरप्राइजेज प्रालि में लगाई गई।
ये चारों कंपनियाँ एडीएजी की चार लिस्टेड कंपनियों में हिस्सेदार हैं। इन कंपनियों ने यह पूँजी शेयर बाजार में लगा दी। यह निवेश भी इन उपकंपनियों ने बिना भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी के किया और इस मामले की शिकायतें भी कुछ सांसदों ने रिजर्व बैंक और प्रवर्तन निदेशालय से करते हुए एडीएजी पर वित्तीय कानूनों और फेमा के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं।
किया
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