Tuesday, October 13, 2009

आरकॉम पर लगी तोहमत

बिजनेस स्टेंडर्ड से साभार

अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) पर भी धांधली की तोहमत लग गई है।

दूरसंचार विभाग की ओर से नियुक्त विशेष ऑडिटर ने कहा है कि कंपनी ने अपनी कमाई कम करके बताई है और इस तरह सरकार को चूना लगा दिया है। ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दूरसंचार नियामक ट्राई को कंपनी ने वित्त वर्ष 2006-07 और 2007-08 में अपनी कमाई वास्तविक से कम बताई है।

इस तरह उसने कुल मिलाकर 2799.19 करोड़ रुपये की कमाई छिपा ली है। इस कारण सरकार को लाइसेंस और स्पेक्ट्रम शुल्क में 315.9 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है क्योंकि ये शुल्क कमाई पर आधारित होते हैं। सरकार कंपनी की कमाई का 6 से 10 फीसदी हिस्सा लाइसेंस शुल्क के तौर पर लेती है और वायरलेस कारोबार से होने वाली कमाई का 2 से 6 फीसदी हिस्सा स्पेक्ट्रम शुल्क के तौर पर वसूला जाता है।

दूरसंचार विभाग ने कुछ महीने पहले परख ऐंड कंपनी को आरकॉम के विशेष ऑडिट का जिम्मा सौंपा था क्योंकि भारतीय सेल्युलर ऑपरेटर संघ ने कंपनी पर धांधली का आरोप लगाया था। ऑडिटरों से कहा गया था कि कंपनी ने ट्राई और स्टॉक एक्सचेंजों में अपनी जो कमाई बताई है, उसकी पड़ताल करें।
इस मसले पर बढ़ते विवाद के बीच विभाग ने सभी ऑपरेटरों की कमाई के आंकड़े खंगाले। इनमें भारती एयरटेल, टाटा टेलीसर्विसेज, वोडाफोन एस्सार भी शामिल थीं।

इस बारे में पूछे जाने पर आर कॉम ने कहा कि विशेष ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट के बारे में कंपनी से बात नहीं की है और न ही उसकी प्रति मुहैया कराई है।

कंपनी ने कहा, 'ऑडिटर ने जो आरोप लगाए हैं, वे पक्षपाती हैं और शायद उन्होंने प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के उकसावे पर ही ऐसा किया है। गोपनीय रिपोर्ट का पहले से ही मीडिया के पास पहुंच जाना ही विशेष ऑडिटर के पूर्वाग्रह का सबूत है।'

आरकॉम के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि विशेष ऑडिट पर उसे दूरसंचार विभाग की ओर से कोई पत्र नहीं मिला है। कंपनी के खातों में दोनों वित्त वर्षों की सही कमाई दर्ज की गई है और उनमें किसी तरह की धांधली नहीं है।

आरकॉम पर लग गया कमाई छिपाने का आरोपदूरसंचार विभाग के ऑडिटर का खुलासासरकार को 315.9 करोड़ रुपये का हुआ नुकसानकंपनी ने किया आरोपों से साफ इनकार, कहा दुर्भावना का नतीजा

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